Wednesday, 18 July 2012

इस दुनिया में जिस दिन कदम रखे थे ,
मासूम-सी थी उँगलियाँ  !
किसी ने पकड़ा था ऊँगली को,
और सिखाया था चलना !
आज वही कदम दौड़ते है,
और कड़क-सी हो गयी है उँगलियाँ !
फिर वही मासूमियत पाने को जी चाहता है .........